10/22/2008

वो वीणा सीखना चाहती हैं !






मेरी पिछली पोस्ट पर दीपक जी ने सवाल किया की मेरी पत्नी वीणा सीखना चाहती हैं पर हम उत्तर भारतीय हैं ,पर अधिकतर शिक्षक दक्षिण भारतीय ,इसलिए समस्या हैं । इस सवाल पर मैं उत्तर टिप्पणी मैं देने वाली थी पर सोचा की अगर वीणा के बारे में विस्तृत रूप से लिखू तो ज्यादा अच्छा रहेगा ।

वीणा शब्द प्राचीन काल में सभी तंत्री वाद्यों अर्थात उन वाद्यों के लिए प्रयुक्त होता जो तार वाले होते थे । समयानुसार वीणा शब्द मुख्य रूप से केवल कुछ खास वाद्यों के लिए ही प्रयुक्त होने लगा ।(दरसल आज भी सभी तंत्री वाद्यों के लिए वीणा शब्द उपयोग किया जा सकता हैं )

भारतीय शास्त्रीय संगीत की दो धाराए हैं ,एक उत्तर भारतीय, दूसरी दक्षिण भारतीय । दोनों शैलियों की अपनी अपनी विशेषता हैं ,और दोनों शैलियों में खासा अन्तर भी हैं । दोनों प्रकार की संगीत शैलियों में अपने अपने अलग अलग वाद्य हैं ,उत्तर भारत में जहाँ तबला ,मृदंग हैं । वही दक्षिण भारत में पखावज और घटम हैं । इसी प्रकार दक्षिण भारत में अगर सरस्वती वीणा,और चित्र वीणा प्रचलित हैं तो उत्तर भारत में विचित्र वीणा और रुद्र वीणा , दोनों शैलियों की वीणाओ में खासा अन्तर हैं ,अब सवाल यह हैं की दीपक जी की पत्नी ने पहले कभी शास्त्रीय संगीत सिखा हुआ हैं ?और अगर हाँ तो कौनसी शैली ?अगर उत्तर भारतीय संगीत शैली सीखी हुई हैं तो वह विचित्र वीणा और रुद्र वीणा सीख सकती हैं ,विचित्र वीणा बजाने वाले कलाकार बहुत नही तो भी हैं ,जिनमे आदरणीय अजित साहब का नाम अविस्मरणीय हैं . रुद्र वीणा बजाने वाले बहुत से कलाकार हैं ,जिनमे आदरणीय उस्ताद असद अली खान साहब उस्ताद बहाउद्दीन डागर का नाम विशेष उल्लेखनीय हैं ।
दोनों ही वीणाये स्वर मधुर ,सुंदर हैं ,रुद्र वीणा में जहाँ अर्ध गोल दान्ड और मोम से चिपके परदे साथ ही दो तुम्बे होते हैं और उसका एक तुम्बा काँधे पर रखकर और एक जमीन पर रखकर बजाया जाता हैं ,वहीं विचित्र वीणा की दान्ड बड़ी .और चपटी ,होतीहैं दो तुम्बे भी होते हैं पर इसे जमीन पर रखकर बजाया जाता हैं । इस वीणा को बजाने के लिए सुर ज्ञान होना बहुत जरुरी हैं ,अन्यथा पहले सुर ज्ञान करना जरुरी हैं ।
अगर पहले कोई भी संगीत शैली नही सीखी और किसी विशेष को सिखने का आग्रह नही हैं तो स्वरस्वती वीणा ,या गोटू वाद्यम् भी अर्थात चित्र वीणा भी सीखी जा सकती हैं ।
उपर फोटो:

पहला फोटो:- सरस्वती वीणा
दूसरा फोटो :-विचित्र वीणा
तीसरा फोटो :- रुद्र वीणा

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